कौन हैं राधा – और कृष्ण से उनका क्या सम्बन्ध है ?

सभी मित्रों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनयें !!

Radha Krishna

जहाँ हाल में सभी हिन्दू त्योहारों को येन केन प्रकारेण किसी ना किसी प्रकार निशाना बनाया जाता रहा है ,वहीँ पूरा प्रयास कियाजाता है की अपने ही त्योहारों , देवी देवताओं को लेकर हिन्दू लज्जित अनुभव करें | इसी कड़ी में भगवान् कृष्ण और जन्माष्टमी का पवित्र त्यौहार भी बौद्धिक आतंकवादियों के निशाने पे आ गया है | नहीं मै माननीयों द्वारा मटकी की उचाई निर्धारित करने की बात नहीं कर रहा हूँ, मै PETA द्वारा जारी किये गए उस फतवे की बात भी नहीं कर रहा हूँ जिसमे उनने गाय का दूध ना निकलने की हास्यापद बात कही है | दरअसल बुद्धिजीवियों का आतंक और जाल एक ऐसे वृक्ष की तरह फैला है जो जितना भूमि के ऊपर दिखता है उससे कहीं अधिक वह भूमि के नीचे अदृश्य रूप में है | और धीरे धीरे इनके बौद्धिक स्लीपर सेल्स मीडिया में, बॉलीवुड में , शिक्षण संस्थाओं में अच्छी जगह स्थापित होकर भारतीय संस्कृति और भारतीयता की जड़ें खोद रहे हैं | [Read more…]

लोकतंत्र का त्यौहार

 

 

 

Elections

 

निकल पड़े हैं हम  घर से वतन बचाने को |

कड़ी धूप में, भरी भीड़ में, वो बटन दबाने को ||

 

जहाँ देखो वहां ही , वो  लम्बी  सी कतार है ,

क्यों ना उत्साहित हो हम ,  ये लोकतंत्र का त्यौहार है |

 

निकल पड़े हैं हम घर से नई सरकार बनाने को |

पांच साल में एक बार  आया ये त्यौहार मनाने को ||

 

बहुत सहा भ्रष्टाचार , और बहुत सही मंहगाई भी |

विकास के तो क्या कहने, उसकी भी है एक खाई सी ||

 

निकल पड़े हैं हम घर से भ्रष्टाचार मिटाने को  |

महंगाई के इस दलदल में कमल खिलाने को ||

 

ना नेता की, ना अभिनेता की , ये माँ भारती की पुकार है |

अब ना रुकेंगे, अब ना डरेंगे, ये चाहे कैसी भी ललकार है |

 

निकल पड़े है हम घर से एक बदलाव लाने को |

विश्वास है अब  हमको कि, अच्छे दिन हैं आने को ||

धरना क्रांति

देश की राजधानी में दिल्ली में आजल एक नयी आंधी से आयी है – धरना और आन्दोलन की आंधी . जिसे देखो वो ही धरने पर बैठ जाता है | कुछ लोग इसे dharna kranti hindi blogबदलाव की आंधी भी कह रहें हैं – कारण -सभी के हाथ एक अनमोल अस्त्र लग गया है  – धरना प्रदर्शन | देश की बुरी अवस्था और आज की गन्दी राजनीति के बारे में घंटों गपशप करने के दिन अब लद गए हैं| लंच टाइम में ऑफिस के कैंपस में अब आम आदमी के पास करने को और भी काम होंगे | धरना उन सबमे प्रमुख होगा | धरना एक ऐसा हथियार है जो आपकी सारी कमियों को छुपा कर सारा दोष अन्य लोगों पर मढ देगा | [Read more…]

विदाई – हिंदी कविता

जानता हूँ कि ये दिन लौट के ना आयेंगे दुबारा |

जब साथ छूट चुकेगा, इस जगह से हमारा ||

जानता हूँ कि ये प्यारे साथी कल बिछड़ जायेंगे |

अपनी ही दुनिया में सब अलग अलग बिखर जायेंगे ||

जाता हूँ कि कल मेरी अपनी ही अलग एक राह होगी |

जहाँ शायद ही किसी को किसी की परवाह होगी || [Read more…]

असफल होने का एक कारण – कहीं आप लक्ष्य से भटक तो नहीं गए हैं

जीवन मै कई बार ऐसे अवसर भी आते हैं, जब हमें लगता है की हमारा प्रत्येक कार्य निष्फल जा रहा है, और हमें हमारी लगन एवं परिश्रम का कोई परिणाम नहीं मिल रहा है, सफलता एक कदम तक तो हमारा साथ देती है, किन्तु उसके बाद अचानक ना जाने क्या होता है, कि हमारे जीवन का विजय रथ एकदम से रुक सा जाता है | ऐसे में लोग और भी अधिक ध्यान भटकाने का प्रयत्न करते हैं, और कहते हैं, कि शायद किसी की नज़र लग गयी है | और वे हमें इससे बचने के अनेकों उपाय भी बताते हैं | वास्तव में आजकर बहुत से लोगो का रोज़गार , व्यापार ही ऐसे उत्पादों के बाज़ार से चल रहा है जो बुरी नज़र से बचने में सहायता करते हैं , विषम परिस्थितियों से बचने में सहायक सिद्ध होते हैं| और आप वो सारे प्रयास करने के बाद भी , समझ नहीं पाते हैं – की लक्ष्य से थोडा ही दूर कैसे रह गए हम | ऐसे में आपको सिर्फ और सिर्फ एक ही प्रश्न का उत्तर बचा सकता है – कहीं लक्ष्य से भटक तो नहीं गए हैं हम ? [Read more…]