कौन हैं राधा – और कृष्ण से उनका क्या सम्बन्ध है ?

सभी मित्रों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनयें !!

Radha Krishna

जहाँ हाल में सभी हिन्दू त्योहारों को येन केन प्रकारेण किसी ना किसी प्रकार निशाना बनाया जाता रहा है ,वहीँ पूरा प्रयास कियाजाता है की अपने ही त्योहारों , देवी देवताओं को लेकर हिन्दू लज्जित अनुभव करें | इसी कड़ी में भगवान् कृष्ण और जन्माष्टमी का पवित्र त्यौहार भी बौद्धिक आतंकवादियों के निशाने पे आ गया है | नहीं मै माननीयों द्वारा मटकी की उचाई निर्धारित करने की बात नहीं कर रहा हूँ, मै PETA द्वारा जारी किये गए उस फतवे की बात भी नहीं कर रहा हूँ जिसमे उनने गाय का दूध ना निकलने की हास्यापद बात कही है | दरअसल बुद्धिजीवियों का आतंक और जाल एक ऐसे वृक्ष की तरह फैला है जो जितना भूमि के ऊपर दिखता है उससे कहीं अधिक वह भूमि के नीचे अदृश्य रूप में है | और धीरे धीरे इनके बौद्धिक स्लीपर सेल्स मीडिया में, बॉलीवुड में , शिक्षण संस्थाओं में अच्छी जगह स्थापित होकर भारतीय संस्कृति और भारतीयता की जड़ें खोद रहे हैं | [Read more…]

पुरस्कार वापसी रैली : कहाँ से जुटाई जा रही है लेखकों की भीड़!!

राजनीति में भी अपना दबदबा बनाने की कला के अलग अलग चरण रहे हैं| कहते हैं समय के साथ साथ , एक businessman को अपनी Hypocricy of writers for protesting selectivelysales promotion strategy में परिवर्तन करते रहने चाहिए अन्यथा प्रतिस्पर्धी अपना काम कर जायेंगे | एक पुराने ढर्रे पर चली आ रही marketing strategy जरुरी नहीं है की आज भी सफल हो यदि वो 90 के दशक में सफल होती थी | इस बात को हमारे राजनेताओं नें बहुत अच्छे से समझा है और वे उसका पालन भी कर रहे हैं | [Read more…]

Police Lathi Charge in Varanasi on Hindu Saints

संतों पर बर्बरता:-Lathi Charge at Hindu Saint

धर्म की नगरी, बाबा विश्वनाथ के नगर काशी में हिन्दू सन्तों पर हुए पुलिस के अत्याचार नें एक बार फिर ये सोचने पर विवश कर दिया है , की क्या औरंगजेब आज भी जीवित है | क्या आज भी वर्षों की परतंत्रता झेलने के बाद हिन्दू समाज अपनी पारंपरिक पूजा और संस्कृति का पालन करने के लिए मुक्त नहीं है |

बीते दिन गणेश विसर्जन के समय वाराणसी में हमें उसी औरंगजेब के शासन की एक झलक देखने को मिली जब हाईकोर्ट द्वारा गंगा नदी में मूर्ति विसर्जन रोकने के आदेश के बाद प्रशासन |ने गणपति भक्तों और संतों पर लाठीचार्ज किया | बात केवल हाई कोर्ट की आदेश की रक्षा करने तक ही होती तो कोई बात नहीं थी | किन्तु यहाँ जो हुआ वो उससे बढ़कर था | ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो हिन्दू संतो को किसी प्रकार का सबक सिखाने की तैयारी थी | इस प्रकार की बर्बरता तो केवल विदेशी आक्रान्ताओं द्वारा ही दिखाई जा सकती थी | क्या काशी विदेशी आक्रान्ताओं के  अधीन है| [Read more…]

भारतीय समाज, PK फिल्म और अरविन्द केजरीवाल

PK against Hinduismआप भी सोच रहें होंगे आखिर इन तीनों में क्या सम्बन्ध  है | भारतीय समाज, अपनी जगह है , वहीँ PK (आमिर बाबा ) और माननीय अरविन्द केजरीवाल जी दो अलग अलग क्षेत्रों से समन्धित हैं| इन तीनों का समबन्ध क्या हो सकता है, आपकी उत्सुकता को और अधिक ना बढाते हुए मै आगे लिखता हूँ | पढ़िए …

पहली कहानी

सिनेमा हॉल में pk फिल्म चल रही थी | आमिर खान की अदाकारी और राजकुमार हिरानी की दक्षता फिल्म की शुरुआत में ही  साफ़ साफ़ झलक रही थी | आमिर खान का सन्देश हास्य के तडके के साथ सभी दर्शकगण ख़ुशी ख़ुशी ग्रहण कर रहे थे| कारण मध्यांतर के पहले तक की फिल्म वास्तव में अच्छी बन पड़ी है, और ऐसा प्रतीत होता है, समाज की बुराईयों को आमिर नाम के इस अभिनेता ने बड़े ही अच्छे ढंग से समाज के ही सामने एक फिल्म के द्वारा कहने का साहस दिखलाया है | लोग आमिर के रंग में रंगते जा रहे थे, और ऐसा लग रहा था, की आमिर किसी भी धर्म को अपवाद ना समझते हुए सभी धर्मों की अन्धविश्वास जनित बुराइयों का भंडाफोड़ करेंगे| लोगो को आमिर में वास्तव में एक युगपुरुष दिख रहा था, जो धर्म की परवाह ना करते हुए सत्य कहने का साहस रखता है| [Read more…]

भारत के पंद्रहवे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी

Swearing Ceremony of Sri Narendra Modiआखिरकार देश के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनाव परिणाम आ गए हैं , और देश के युवाओं की एकमात्र  आशा – आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी प्रचंड बहुमत से, आश्चर्यजनक तरीके से प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हो गए हैं | चुनाव से पहले जहां एक तरफ देश का कथित बुद्धिजीवी वर्ग , प्रायः कांग्रेस पोषित – श्री नरेन्द्र मोदी जी के विरुद्ध देश के अन्दर और बाहर ज़हर उगल रहा था, वहीँ दूसरी तरफ देश का आम नागरिक अपने तन, मन, से मोदी जी के सत्ता में आने की प्रार्थना कर रहा था | कांग्रेस के पिछले दस वर्षों के शासन काल में देश ने वो वो देखा, जिसकी की उसने कभी भी भारत की सबसे पुरानी पार्टी से आशा भी नहीं की थी | बढ़ते हुए भ्रष्टाचार और उससे पैदा हुई महंगाई ने देश को अधमरा कर दिया था, इतना की जितना शायद आजादी के पहले भी नहीं किया था [Read more…]