Antarman – A Hindi Novel

अंतर्मन रजनीश चतुर्वेदी द्वारा लिखा गया हिंदी का एक नया उपन्यास है। ये कहानी है एक ऐसे सेल्समैन अर्जुन की जो अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। अपने जीवन के उतार चढ़ाव से परेशान अर्जुन अपने आपको निराशावादी और हताश विचारों के बीच असफलता की बेड़ियों में फँसा हुआ पाता है। ऐसे में अर्जुन को दरकार होती है एक ऐसी मदद की जो उसे इन बेड़ियों को तोड़ने में सहायता कर सके।

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कौन हैं राधा – और कृष्ण से उनका क्या सम्बन्ध है ?

सभी मित्रों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनयें !!

Radha Krishna

जहाँ हाल में सभी हिन्दू त्योहारों को येन केन प्रकारेण किसी ना किसी प्रकार निशाना बनाया जाता रहा है ,वहीँ पूरा प्रयास कियाजाता है की अपने ही त्योहारों , देवी देवताओं को लेकर हिन्दू लज्जित अनुभव करें | इसी कड़ी में भगवान् कृष्ण और जन्माष्टमी का पवित्र त्यौहार भी बौद्धिक आतंकवादियों के निशाने पे आ गया है | नहीं मै माननीयों द्वारा मटकी की उचाई निर्धारित करने की बात नहीं कर रहा हूँ, मै PETA द्वारा जारी किये गए उस फतवे की बात भी नहीं कर रहा हूँ जिसमे उनने गाय का दूध ना निकलने की हास्यापद बात कही है | दरअसल बुद्धिजीवियों का आतंक और जाल एक ऐसे वृक्ष की तरह फैला है जो जितना भूमि के ऊपर दिखता है उससे कहीं अधिक वह भूमि के नीचे अदृश्य रूप में है | और धीरे धीरे इनके बौद्धिक स्लीपर सेल्स मीडिया में, बॉलीवुड में , शिक्षण संस्थाओं में अच्छी जगह स्थापित होकर भारतीय संस्कृति और भारतीयता की जड़ें खोद रहे हैं | [Read more…]

विदाई – हिंदी कविता

जानता हूँ कि ये दिन लौट के ना आयेंगे दुबारा |

जब साथ छूट चुकेगा, इस जगह से हमारा ||

जानता हूँ कि ये प्यारे साथी कल बिछड़ जायेंगे |

अपनी ही दुनिया में सब अलग अलग बिखर जायेंगे ||

जाता हूँ कि कल मेरी अपनी ही अलग एक राह होगी |

जहाँ शायद ही किसी को किसी की परवाह होगी || [Read more…]

असफल होने का एक कारण – कहीं आप लक्ष्य से भटक तो नहीं गए हैं

जीवन मै कई बार ऐसे अवसर भी आते हैं, जब हमें लगता है की हमारा प्रत्येक कार्य निष्फल जा रहा है, और हमें हमारी लगन एवं परिश्रम का कोई परिणाम नहीं मिल रहा है, सफलता एक कदम तक तो हमारा साथ देती है, किन्तु उसके बाद अचानक ना जाने क्या होता है, कि हमारे जीवन का विजय रथ एकदम से रुक सा जाता है | ऐसे में लोग और भी अधिक ध्यान भटकाने का प्रयत्न करते हैं, और कहते हैं, कि शायद किसी की नज़र लग गयी है | और वे हमें इससे बचने के अनेकों उपाय भी बताते हैं | वास्तव में आजकर बहुत से लोगो का रोज़गार , व्यापार ही ऐसे उत्पादों के बाज़ार से चल रहा है जो बुरी नज़र से बचने में सहायता करते हैं , विषम परिस्थितियों से बचने में सहायक सिद्ध होते हैं| और आप वो सारे प्रयास करने के बाद भी , समझ नहीं पाते हैं – की लक्ष्य से थोडा ही दूर कैसे रह गए हम | ऐसे में आपको सिर्फ और सिर्फ एक ही प्रश्न का उत्तर बचा सकता है – कहीं लक्ष्य से भटक तो नहीं गए हैं हम ? [Read more…]

तुम ही सच हो माता – जय माँ वैष्णो देवी

तुम ही सच हो माता, बाकि दुनिया झूठी |

जग रूठा मुझसे , पर तुम कभी ना रूठी ||

 

ऐसे ही कुछ भाव लेकर जब एक भक्त माता वैष्णो देवी के दरबार में जाता है, तो कहीं भी कोई भी शंका नहीं रह जाती, की माता उसकी प्रार्थना नहीं सुनेंगी | vaishno deviत्रिकुट पर्वत पर स्थित , कटरा के पास माता का यह दरबार सदियों से उनके अनन्य भक्तों की आस्था का केंद्र रहा है | एक समय था, जब माता तक पहुँचने की यात्रा अत्यंत ही दुर्गम थी, किन्तु जैसे जैसे समाया बीतता गया, माता के ही भक्तों ने इस मार्ग को अधिक  से अधिक सुगम बना दिया | आज ना केवल माता का दरबार, बल्कि कटरा में भी प्रत्येक वर्ष, दिन के बारह मॉस , भक्तों का ताँता लगा रहता है | इसमें कोई अतिशियोक्ति नहीं होगी , अगर यह कहा जाये कि कटरा तथा उसके पास के सभी गाँवो का रोजगार एवं अर्थव्यवस्था माँ कि वजह से ही चल रही है |

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