सफलता के तीन मुख्य बिंदु

आम तौर पर यह देखा गया है कि लोग सफलता प्राप्ति के लिए समुचित प्रयास करें ना करें, परन्तु यह भ्रम अवश्य पाल लेते हैं कि वह सफल होने के लिए कुछ भी कर सकते हैं | मेरा यह वाक्य हो सकता है कि एक पल के लिए आपको चौका दे, किन्तु यही सत्य है. हर किसी को सफलता पसंद है , लेकिन सफलता की सीढ़ियों को चढ़ने के लिए जो भी आवश्यक बिंदु हैं, हम प्रायः उनकी उपेक्षा कर देते है |

उदहारण के तौर पर यदि हमने यह निश्चय किया है कि, अगले तीन महीनों में हम अपना वजन कम करेंगे , तो हो सकता है की हम किसी gym कि सदस्यता ले लें , या हो सकता कि हम अपने घर कोई  महंगा ट्रेडमिल ले आयें , परन्तु अंततः हम ये ही पायेंगे की, gym की सदस्यता शुल्क देने के बाद भी, अथवा महँगी से महँगी ट्रेडमिल खरीदने के बाद भी , हम व्यायाम के लिए समय नहीं निकल पा रहे हैं. ऐसा इसलिए नहीं है की हम सफल नहीं होना चाहते , या हमें इस बात का ज्ञान नहीं है, कि सफल होने के लिए हमारा व्यायाम करना जरुरी है. ऐसा इसलिए है , की अन्दर ही अन्दर , हमारा मन हमें किसी चमत्कार की आशा करने के लिए उकसाता है, और हम चाहते हुए भी अपने सफ़लता के अभियान को कार्यान्वित नहीं कर पाते. हम इस आस में अपने काम को अगले दिन पर टाल देते हैं, की एक ना एक दिन परिस्थितियाँ अनुकूल होंगी और हम अपने अभियान में आगे बढ़ सकेंगे . यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है. और हम अपने जीवन के सबसे बहुमूल्य पल यूँ ही व्यर्थ गवां देते हैं.

याद रखिये, किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तीन बिंदु अति आवश्यक हैं, आज हम इन्हीं तीन बिन्दुओं पर बात करेंगे. यह तीन बिंदु दरअसल तीन प्रकार की शक्तियां है, जो हमें सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ने में मदद करती हैं| ये शक्तियां हैं – इच्छा शक्ति, ज्ञान शक्ति और क्रिया शक्ति|

इच्छा शक्ति

किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह शक्ति हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है, और हमें हमारे व्यक्तित्व में तथा दैनिक दिन चर्या में आवश्यकता अनुसार बदलाव करने में सहायक सिद्ध होती है | यदि सभी परिस्थितियाँ अनुकूल हों, किन्तु मन में गंतव्य तक पहुँचने की इच्छा ही ना हो तो , किसी भी अन्य प्रकार की शक्ति हमारी मदद नहीं कर सकती | लक्ष्य कितना भी कठिन क्यों ना हो, हमारी उसे प्राप्त करने की उत्कट इच्छा ही उसे आसान बना देती है | मन में इच्छा हो तो बड़े से बड़े पहाड़ भी हिलाए जा सकते हैं | आप जो भी रात दिन सोचते हैं, प्रकृति हर संभव प्रयास करती है कि, वो वस्तु पाने के लिए आपको समुचित अवसर प्रदान किये जा सकें| यदि अपनी इच्छा शक्ति से आपने लक्ष्य पर चिड़िया की आँख की तरह नजर जमाये रखी तो आप कभी भी उन अवसरों को लपकने से नहीं चूकेंगे | अपनी इच्छा शक्ति को जितना अधिक मजबूत कर सकते हैं , उतनी ही जल्दी सफलता आपके कदम चूमेगी| और इसके लिए आपके मन का बलवान होना तथा नियंत्रण में होना नितांत आवश्यक है | याद रखिये  – बलवान मन आपको पर्याप्त इच्छा शक्ति प्रदान करेगी , वहीँ नियंत्रित मन आपको अपनी योजनाओं को कार्यान्वित करने में मदद करेगा |

अपनी इच्छा शक्ति को कैसे बढायें ?

ज्ञान शक्ति

दूसरी शक्ति है ज्ञान शक्ति जो सफल होने में मदद करती है, आप में इच्छा तो है, परन्तु आपको मालूम नहीं है, की लक्ष्य को ऐसे प्राप्त किया जाये, ऐसे में आपको जरुरत है, एक ऐसे गुरु की, जो आपको लक्ष्य तक पहुँचने के लिए पर्याप्त जानकारी दे सकता है| यदि आप किसी प्रकार का व्यापार करना चाहते हैं, तो आपको व्यापार के उस क्षेत्र के किसी पेशेवर व्यक्ति से सर्वप्रथम सभी प्रकार की जानकारी जुटानी चाहिए, इससे ना केवल आपका समय बचेगा, बल्कि आप यह निर्णय लेने में भी सक्षम होंगे की आपको वास्तव में उस क्षेत्र में जाना भी है या नहीं | कई बार दूर के ढोल सुहावने होते हैं, और हमें लगता हैं , की एक खास वास्तु हमारे लिए ही बनी है, किन्तु , उस वास्तु के बारे में समुचित जानकारी मिलने के बाद ही हमें ज्ञात होता है कि, वो दरअसल हमारे स्वभाव के बिलकुल विपरीत है, और हम सपने में भी उस क्षेत्र से कभी नहीं जुड़ना चाहेंगे |

क्रिया शक्ति

अपनी दृढ इच्छा शक्ति और पर्याप्त ज्ञान के बाद भी आपकी सारी महत्वाकांक्षाएं धरी की धरी रह जाएँगी, यदि आप एक योजना के साथ , अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए आगे नहीं बढ़ेंगे| आपकी सफलता शत प्रतिशत इस बात पर निर्भर करती है कि आपकी योजना किस तरह से कार्यान्वित होती है, और आप अपने लक्ष्य के लिए कितने क्रियाशील रहते हैं?

उदहारण के तौर पर मान लीजिये कि आप किसी गाँव में हैं और आपको प्यास लगी है, आपकी जल पीने की इच्छा है, और आपको ज्ञात है की जल कुछ ही दूर पर एक कुएं में उपलब्ध है, परन्तु आपकी दृढ इच्छा के बाद भी, तथा जल की उपलब्धता की जानकारी के बाद भी, आप तब तक जल नहीं ग्रहण सकते जब तक आप स्वयं चलकर कुएं तक नहीं जायेंगे | कुआँ आप तक चलकर कभी नहीं आएगा, आप ही को कुँए तक जाना पड़ेगा |

कुछ लोग करना तो बहुत कुछ चाहते हैं, और इसके लिए तैयारियां भी पूरी करते हैं, विभिन्न प्रकार की योजनायें बनाते हैं, परन्तु उन योजनायों को कार्यान्वित करते समय ढीले पड़ जाते हैं | वो अपनी टालने की आदत के कारण, योजना के पहले चरण में ही हार मानने के लिए मजबूर हो जाते हैं | अंततः परिस्थितयों को दोष देते हुए अपने लक्ष्य का परित्याग कर देते हैं |

उपरोक्त तीन बिंदु किसी भी प्रकार की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होते हैं | ये तीन शक्तियां हैं – इच्छा शक्ति, ज्ञान शक्ति और क्रिया शक्ति-  जो किसी भी व्यक्ति को एक तरह से सफलता की कुंजी थमा देती हैं |

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