सफलता की कुंजी – अपनी इच्छा शक्ति बढ़ाएं

यदि मै आपसे कहूँ कि मेरे पास एक ऐसी सफलता की कुंजी है जो, आपकी किस्मत के सभी ताले खोलने की क्षमता रखती है, तो आप एक पल के लिए शायद हतप्रभ रह जायेंगे | किन्तु अच्छी खबर यह है की यह सच है |मैंने अपने पिछले लेख में सफलता के तीन बिन्दुओं के बारे में बताया था, जिनमे से एक इच्छा शक्ति थी| यह इच्छा शक्ति ही है, जो आपकी कार्य शैली का निर्णय करती है | आप अपने लक्ष्य के प्रति उतना ही अधिक आक्रामक रूप से अग्रसर हो सकते हैं, जितनी कि उसे पाने की आपकी इच्छा होगी | आपका मन आपको अनेक प्रकार की लालसाओं में उलझायेगा, आपको अनेक प्रकार के प्रलोभन देगा, और फिर एक ऐसा क्षण आएगा, जब आप अपने लक्ष्य के प्रति उतना अधिक आक्रामक नहीं रह जायेंगे, अपनी ही योजना को कार्यान्वित करने के लिए आप अपने पहला कदम ही नहीं उठा पाएंगे | याद रखिये आपका मन आपका शत्रु तथा मित्र दोनों ही हो सकता है, जरुरत है , तो बस उसे नियंत्रित करने की. यदि आपने अपने मन को काबू में कर लिया तो आवश्यकता अनुसार, उसकी अनंत शक्ति का भरपूर सहयोग ले पाएंगे | आपकी इच्छा शक्ति भी तभी प्रबल हो पाएगी, जब आप अपने मन के अनुसार नहीं, बल्कि आपका मन आपके अनुसार चलेगा | ऐसा कर पाना मुश्किल तो है, किन्तु असंभव नहीं | याद रखिये असीम सफलता के शिखर पर पहुँचने के लिए आपको औरों से थोडा अलग होना होगा, और ९९ प्रतिशत लोग अपने मन को काबू में करना नहीं जानते, और सदैव उसी के वश में रहते हैं. शायद इसिलए विश्व में सफलतम लोगों की सूची तो फिर भी लिखी जा सकती हैं, परन्तु असफल लोग अनगिनत हैं |

आपका आपके मन पर नियंत्रण ना केवल आपकी इच्छा शक्ति को बलवान बनाएगा, बल्कि आप अपने मन की असीमित शक्तियों का लाभ भी उठा पाएंगे | यदि आप अपनी इच्छा से कार्य करना चाहते हैं, और अपने मन के आदेश से नहीं, तो निम्नलिखित नुस्खे आपकी सहायता कर सकते हैं:-

 

  • याद रखे मन की प्रकृति है – विषय से भटकना, जिस प्रकार एक बन्दर एक जगह स्थिर नहीं रह सकता, आपका मन भी आपको एक विषय से दुसरे विषय पे भटकाता रहता है| और आप उसे एक जगह स्थिर नहीं रख सकते| आपने गौर किया होगा की इसी कारण आपको तीव्र घटनाचक्र वाली कहानी अधिक पसंद आएगी, और धीमी गति वाली कहानियां उबाऊ लगेंगी|  कोशिश करें कि, जल्दी से किसी विषय से भटकें नहीं | टीवी देख रहें हैं तो गौर करें कहीं आप जल्दी जल्दी तो चैनल नहीं बदल रहें हैं, यदि ऐसा है, तो किसी एक प्रसारण पर कुछ देर ध्यान देने की कोशिश करें | तेज़ संगीत की जगह धीमें संगीत को प्राथमिकता दें| किसी एक विषय पर अधिक से अधिक समय तक ध्यान देने का प्रयत्न करें |

 

  • अपने कार्य को अगले दिन पर ना टाले – किसी भी कार्य को करते समय ध्यान दें, की आप उसे समाप्त करके ही उठें, आपका मन आपको अपने जाल में फसायेगा, और आप चाहेंगे की, कार्य का कुछ अंश बाद में करे, या अगले दिन करें| किन्तु इस बहकावे में ना आयें, यदि आपका काम उतना urgent नहीं भी है, तो भी उसे उसी समय समाप्त करने का प्रयास करें| याद रखें ऐसा आप उस खास कार्य के लिए नहीं, बल्कि अपने मन पर विजय प्राप्त करने के लिए कर रहें, उसकी आपको बरगलाने की बुरी आदत से छुड़ाने के लिए कर रहें हैं | हाँ यदि कोई लंबा काम है तो, आप अवश्य बीच में छोटे छोटे पड़ाव ले सकते हैं | परन्तु कार्य को अगले दिन पर कभी नहीं टालें |

 

 

  • अपने मन और विचारों को व्यवस्थित करें – जिस प्रकार आप अपनी अनेक प्रकार की वस्तुएं एक अलमारी में संभाल के रखतें हैं, तथा प्रत्येक प्रकार की वस्तु के लिए एक खास खाना निर्धारित होता है, उसी प्रकार आपको अपने मन को भी व्यवस्थित करना होगा |  जिस तरह एक व्यवस्थित अलमारी से, इस बात की सम्भावना बहुत कम रहती है की कोई वस्तु खो जाए, उसी प्रकार आपको अपने खास विचारों को, जो कि आपके लक्ष्य से समन्धित हैं, संभाल के रखना होगा| इसके लिए एक नोट बुक रखना शुरू करें| जैसे ही कोई विचार आपके मन में आये उसे तुरंत लिख लें. इस प्रकार आपके पास एक ऐसे विचारों की सूची बन जाएगी जो आपको अपने लक्ष्य तक पहुँचने में मदद करेंगे | आपको आपके विचारों की यह सूची अपने लक्ष्य के प्रति और भी अधिक आशावान बनाएगी तथा आपकी इच्छा शक्ति में भी वृद्धि करेगी |

 

  • अपने मन को प्रशिक्षित करें – और ऐसा आप नित्य नियम का पालन करके तथा अनुशासन से कर सकते हैं | याद रखिये मनुष्य काम की अधिकता से नहीं, बल्कि काम को बोझ समझ कर अनियमित तरीके से करने की कोशिश से थकता है | इसीलिए आप अपने कार्यों के लिए जो भी नियम एवं अनुशासन बनायें, उसका कठोरता पूर्वक पालन करें | ऐसा अभ्यास ना केवल आपको आपकी मंजिल के करीब शीघ्र पहुचायेगा बल्कि आप अपने मन को प्रशिक्षित करने में मदद भी करेगा |

Speak Your Mind

*