Nostalgic Ninetees – Hindi Novel

क्या हो यदि आपको आपके बचपन में वापिस ले जाकर खड़ा कर दिया जाए। क्या हो यदि बचपन की वो स्कूल की प्यारी यादें, मम्मी पापा की कुटाई, भाई बहन का झगड़ा – सब कुछ एक आपके मानस पटल पर सजीव हो जाए, ऐसे जैसे वो जीवन एकदम अभी अभी गुजरा हो।
नॉस्टैल्जिक नाइनटीज़ ऐसी ही एक पुस्तक है जिसकी छोटी छोटी कहानियाँ आपको आपके बचपन में ले जायेंगी। ये पुस्तक नाइनटीज़ के दौर के एक ऐसे लड़के के बारे में है, जिसे उसकी किस्मत, एक छोटे से गाँव के हिन्दी मीडीयम स्कूल से सीधे लखनऊ के अंग्रेजी मीडीयम स्कूल में ले जाती है।
एक हिन्दी मीडीयम का लड़का, हिन्दी तौर तरीकों से रहने वाला, हिन्दी भाषा को ही समझने वाला, किस प्रकार अंग्रेजी से जूझता है। पाँच छोटी छोटी कहानियों के संग्रह के रूप में आप इस लड़के की आप बीती इस पुस्तक में पढ़ सकते हैं।
मुझे विश्वास है कि कहीं ना कहीं ये पुस्तक आपको भी आपके बचपन के स्मृतियों की झलक तो जरूर ही दिखला देगी।

इस किताब में भी किसी गंभीर प्लॉट, कहानी या क्लाइमैक्स से ज्यादा पाठक जिस चीज का आनंद लेंगे वो है पुराने समय को, स्कूल की यादों को, अपने बचपन की स्मृतियों को वापिस जीने का अनुभव।
कहानियों का शीर्षक कुछ इस प्रकार है :-
1) हिंदी वाला जन्मदिन
2) हमारी दीदी झूठी है
3) बड़ों की किताब
4) आज़ादी
5) कुटाई

नोस्टालजिक नाइनटीज़ को आप amazon से खरीद सकते हैं , चूंकि ये एक किन्डल बुक, इसे पढ़ें के लिए आपको अपने मोबाईल पर किन्डल एप डाउनलोड करना पड़ेगा, जहां पर आप पुस्तक को आसानी से पढ़ सकते हैं। kindle unlimited के सदस्यों के लिए ये किताब पढ़ने के लिए निशुल्क उपलब्ध है।

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